Friday, September 25, 2009

दीपावली एवं महालक्ष्मीपूजा का मुहूर्त्त

दीपावली एवं महालक्ष्मीपूजा का मुहूर्त्त
मुंबई के अक्षांश-रेखांश के अनुसार

चौपडा लाने का मुहूर्त्त
रविवार, दिनांक 11/10/2009 को
प्रात: 09-28 से 12-24 तक लाभ अमृत वेला।
दिवा 01-52 से 03-20 तक शुभ वेला।
बुधवार दिनांक 14-10-2009 को
प्रात: 06-32 से 09-28 तक लाभ अमृत वेला।
प्रात: 10-56 से 12-24 तक शुभ वेला।
श्री कुबेर पूजा का मुहूर्त्त
संवत 2066 कार्तिक वदी 12 गुरूवार, दिनांक 15-10-2009
प्रात: 06-33 से 08-01 तक शुभ वेला।
प्रात: 10-57 से 12-25 तक चर वेला।
दिवा 12-25 से 01-52 तक लाभ वेला।
दिवा 01-52 से 03-20 तक अमृत वेला।
दिवा 04-47 से 06-15 तक शुभ वेला।
शाम 06-15 से 07-48 तक अमृत वेला।
रात्रि 07-48 से 09-21 तक चर वेला।
श्री महालक्ष्मी पूजा
संवत 2066 कार्तिक वदी 14 शनिवार, दिनांक 17-10-2009
प्रात: 08-00 से 09-27 तक शुभ वेला।
दिवा 12-22 से 01-49 तक चर वेला।
दिवा 01-49 से 03-16 तक लाभ वेला।
दिवा 03-16 से 04-43 तक अमृत वेला।
शाम 06-13 से 07-46 तक लाभ वेला।
रात्रि 09-19 से 10-52 तक शुभ वेला।
रात्रि 10-52 से 12-25 तक अमृत वेला।
रात्रि 12-25 से 01-58 तक चर वेला।
श्री पूजन के लग्न
प्रात: 08-50 से 11-04 तक वृश्चिक लग्न।
दिवा 11-04 से 01-11 तक धन लग्न।
दिवा 03-00 से 04-37 तक कुम्भ लग्न।
दिवा 04-37 से 06-12 तक मीन लग्न।
रात्रि 07-55 से 09-55 तक वृषभ लग्न।
रात्रि 09-55 से 12-09 तक मिथुन लग्न।
रात्रि 02-24 से 04-32 तक सिंह लग्न।
रोकड मिलान लेखन
संवत 2066 कार्तिक शुक्ला 1 सोमवार, दिनांक 19-10-2009
प्रात: 06-34 से 08-02 तक अमृत वेला।
प्रात: 09-30 से 10-58 तक शुभ वेला।



जोधपुर के अक्षांश व रेखांश के अनुसार
श्री महालक्ष्मी पूजा
संवत 2066 कार्तिक वदी 14 शनिवार, दिनांक 17-10-2009
प्रात: 08-06 से 09-32 तक शुभ वेला।
दिवा 12-24 से 01-49 तक चर वेला।
दिवा 01-49 से 03-16 तक लाभ वेला।
दिवा 03-16 से 04-42 तक अमृत वेला।
शाम 06-07 से 07-41 तक लाभ वेला।
रात्रि 09-15 से 10-49 तक शुभ वेला।
रात्रि 10-49 से 12-23 तक अमृत वेला।
रात्रि 12-23 से 01-58 तक चर वेला।
श्री पूजन के लग्न
प्रात: 09-02 से 11-19 तक वृश्चिक लग्न।
दिवा 11-19 से 01-24 तक धन लग्न।
दिवा 03-09 से 04-40 तक कुम्भ लग्न।
दिवा 04-40 से 06-07 तक मीन लग्न।
रात्रि 07-44 से 09-40 तक वृषभ लग्न।
रात्रि 09-40 से 11-53 तक मिथुन लग्न।
रात्रि 02-12 से 04-29 तक सिंह लग्न।

रोकड मिलान लेखन
संवत 2066 कार्तिक शुक्ला 1 सोमवार, दिनांक 19-10-2009
प्रात: 06-40 से 08-06 तक अमृत वेला।
प्रात: 09-32 से 10-58 तक शुभ वेला।
श्री
श्री श्री
श्री श्री श्री

वैष्णव धर्मावलम्बी इस प्रकार लिखे-
श्री गणेशाय नम: श्री शारदाय नम: श्री महालक्ष्म्यै नम: श्री कुबेराय नम: श्री गुरूवे नम: श्री शिवपार्वती जी की कृपा हो। श्री हनुमान जी का बल हो। अम्बिका की शक्ति हो। कालभैरव का रक्षण हो। कुबेर भण्डारी का भण्डार भरपूर हो। संवत मास मिति वार दिनांक समय पर हर्ष उल्लास से पूजन कीनो।



जैन धर्मावलम्बी इस प्रकार लिखे-
श्री गणेशाय नम: श्री शारदाय नम: श्री महालक्ष्म्यै नम: श्री कुबेराय नम: श्री गुरूवे नम: श्री गौतम स्वामी की लब्धि हो। श्री केशरिया जी का भण्डार भरपूर हो। श्री भरत चक्रवर्ती की ऋद्धि हो। श्री अभय कुमार जी की बुद्धि हो। श्री कयवन्ना सेठ का सौभाग्य हो। श्री बाहुबली का बल हो। श्री धन्नाशालिभद्र की सम्पत्ति हो। संवत मास मिति वार दिनांक समय पर हर्ष उल्लास से पूजन कीनो।

इसके बाद तिजोरी, तुला, द्वार तोरण एवं दुकान में उपयोग ली जाने वाली वस्तुओं की पूजा, स्वास्तिक करें। सभी चौपडों को व्यवस्थित जमावें व उनको पान, मौली गंध, पुष्प, फल, सुपारी, गुलाल, अबीर, कंकू मिठाई आदि से विधिवत पूजा करें। धूप, दीपक करें फिर आरती करें।
पूजन सामग्री
सिंदूर, कंकू, गुलाल, अबीर, मौली, कपूर, सुपारी-5, केशर, चन्दन, अगरबत्ती, रूई, माचीस, दुध, दही, घी, शहद, शक्कर, अत्तर, अष्टगंध, पीला सरसों, नागरवेल, आसुपाल, पीपल आदि के 25 पान, नारेल-2, ताम्बे का कलश-1, पंचपात्र-आचमनी 1-1, काजू, 250 ग्राम, बादाम 250 ग्राम, अंजीर 250 ग्राम, पिश्ता 250 ग्राम, अखरोट 250 ग्राम, इलायची-लवंग 1-1 तौला, गंगाजल, गुलाब जल, पुष्प, पुष्पमाला, दुर्वा, तोरण, बिल्व फल, गोला 2, ऋतु फल 10-15 चावल 1 किलो, गेहूं 1 किलो, मूंग 1 किलो,गुड धाणा 1 किलो धोती, अंगोछा, साडी, सफेद पीस, लाल पीस, 1-1 हार, तस्वीर, नेपकीन-3, कागज के दोने 15, मिठाई, चौपडा, कलम, दवात। घरेलू सामान- थाली-4, कटोरी-4, पानी का पात्र, लोटा-2, चम्मच-3, कोडाया-2, बाजोट-1,चटाई, पटाखें, घण्टा-1,
नोट-पूजा के लिए योग्य, वेदपाठी, प्रसन्नचित्त ब्राह्मण को बुलावें एवं उसे वस्त्र, पात्र सहित दान-दक्षिणा देकर प्रसन्न करें।
आरती लक्ष्मी जी की
ओंम जय लक्ष्मी मंगल निधि महा लक्ष्मी श्री सुन्दर लक्ष्मी।
विष्णुवा मांगी माहे मांगी जिगमिग भूषण अंगी कोमल मधु भक्षी मां पद्माक्षी आनन्दाsमृत भक्षी अन्तर वैशाक्षी। मां जड चेतन जन रक्षी क्षीराब्धे स्तनया मां जगमाया तेजोमय महालक्ष्मी श्री सुन्दर लक्ष्मी...ओंम जय लक्ष्मी................
करूणाकर अम्बे मां आनन्दे इन्द्रादिक तव वन्दे समस्त शुभकारी। मां भयहारी करूणाकर कौमारी वैकुण्ठ निवासी मां गुणराशि भक्तया ह्दय विलासी, शुभमति मां फलदायी मां मम्माई सदा आनन्दी लक्ष्मी श्री सुन्दर लक्ष्मी...ओंम जय लक्ष्मी................
विश्वम्भरी माता माजी धनदाता सन्तन मन दु:ख हरिता तापत्रय मोचन मां तव लोचन जोगी जनमन रंजन सुर वर मुनि ध्याये। मां कमलायै सर्वान्तर समतायै हे आदि शक्ति। मां वेदोक्त विदोही ज्ञानं लक्ष्मी श्री सुन्दर लक्ष्मी...ओंम जय लक्ष्मी................
अनन्त गुण महिमा माजी तव नामा, नान्तव ब्रह्मा मूर्ति अद्भूत तव कीर्ति मां भ्रम हरति शांति सुशल्या मूर्ति विनयति नरसिंहो। माजी दासोsहं । तव चरणं मम शरणं जिव्हाग्रेवस लक्ष्मी श्री सुन्दर लक्ष्मी...ओंम जय लक्ष्मी................
शास्त्री प्रवीण त्रिवेदी 9414153628, 9820488163, email-shreemaal@yahoo.co.in , shreemaal@gmail.com

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